महादेव बेटिंग स्कैंडल: ED ने बुर्ज खलीफा फ्लैट्स और दुबई विला सहित 1,700 करोड़ की संपत्तियां जब्त कीं

 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की दुबई (UAE) और नई दिल्ली में स्थित 1,700 करोड़ रुपये की लग्ज़री संपत्तियों को जब्त (अटैच) किया है। ED ने बुधवार को बताया कि ये संपत्तियां अवैध सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क से अर्जित “अपराध की आय” (proceeds of crime) से खरीदी गई थीं।

24 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 5(1) के तहत जारी अस्थायी कुर्की आदेश में ED ने दुबई की 18 अचल संपत्तियों और नई दिल्ली की 2 संपत्तियों को अटैच किया। अधिकारियों के अनुसार, विदेशी संपत्तियां दुबई के प्रमुख इलाकों में स्थित हैं, जिनमें दुबई हिल्स एस्टेट के हाई-एंड विला और अपार्टमेंट, बिज़नेस बे में लग्ज़री रेजिडेंस और SLS होटल एंड रेजिडेंस, साथ ही प्रतिष्ठित बुर्ज खलीफा के अपार्टमेंट शामिल हैं। जांच में आरोप है कि इन संपत्तियों को सहयोगियों और शेल कंपनियों के जाल के जरिए रखा गया ताकि वास्तविक मालिकाना हक छुपाया जा सके।

मुख्य संपत्तियों में दुबई हिल्स के हिल्स व्यू में स्थित विला नंबर 36 शामिल है, जिसे सौरभ चंद्राकर का मुख्य निवास बताया गया है। यह संपत्ति आधिकारिक तौर पर Perfect Plan Investment LLC के नाम पर दर्ज है, जिसमें सौरभ चंद्राकर की कथित 95% हिस्सेदारी बताई गई है। ED ने इसी इलाके में प्लॉट नंबर 33 और 35 (करीब 72,000 वर्ग फुट) को भी अटैच किया है, जहां लग्ज़री रेजिडेंस का निर्माण जारी है। आरोप है कि यह निर्माण अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन से किया गया।

इसके अलावा, दुबई एस्टेट के फेयरवे रेजिडेंसी क्लस्टर में कई विला भी अटैच किए गए हैं। इनमें विला नंबर 33 (जिसमें रवि उप्पल के रहने का आरोप है), विला नंबर 50 और 13 (जो क्रमशः अतुल अग्रवाल और शुभम सोनी से जुड़े बताए गए हैं) शामिल हैं। विला नंबर 71 Galaxy Ventures Real Estate LLC के नाम पर पंजीकृत है, जिसे जांच एजेंसियां मधु छापरिया (विकास छापरिया की पत्नी) के स्वामित्व वाली कंपनी मानती हैं, लेकिन इसका वास्तविक नियंत्रण सौरभ चंद्राकर के नेटवर्क के पास बताया गया है।

आवासीय संपत्तियों के अलावा, ED ने बिज़नेस बे इलाके में वाणिज्यिक संपत्तियां भी अटैच की हैं, जिनमें M/s Souvik Investment LLC के नाम पर दर्ज एक संपत्ति शामिल है। अधिकारियों का आरोप है कि इस फर्म का नियंत्रण सौरभ चंद्राकर के सहयोगियों के पास था और इसका इस्तेमाल अवैध सट्टेबाजी के पैसों को वैध दिखाने के लिए किया जाता था।

एजेंसी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर दुबई में 35 से 40 विला और अपार्टमेंट्स को नियंत्रित करता है, जिनमें से अधिकांश सहयोगियों या ऑफशोर कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि ये संपत्तियां हवाला नेटवर्क और वैश्विक बेटिंग पैनल सिस्टम के जरिए खरीदी गई हैं।

ED ने बुर्ज खलीफा में यूनिट नंबर 1305 और 1004 सहित SLS होटल एंड रेजिडेंस की कुछ यूनिट्स को भी अटैच किया है, जिन्हें इसी ऑफशोर एसेट नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है।

समानांतर कार्रवाई में ED ने भारत में भी सिंडिकेट से जुड़े वित्तीय सहयोगियों की संपत्तियों पर कार्रवाई की है। नई दिल्ली के मॉडल टाउन पार्ट-3 में एक इमारत की कई मंजिलों और मॉडल टाउन पार्ट-2 में एक आवासीय यूनिट को अटैच किया गया है, जो अतुल अरोड़ा और रोहित गुलाटी से जुड़ी बताई गई हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने RTGS ट्रांजैक्शन और नकद एंट्री के जरिए सट्टेबाजी के पैसे को वैध बनाने का काम किया।

ED के अनुसार, इस मामले में अब तक चल-अचल संपत्तियों की कुल अटैचमेंट, जब्ती और फ्रीजिंग की कीमत करीब 4,336 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जो इस कथित मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन के बड़े पैमाने को दर्शाती है।

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